संशोधित सुरक्षित गर्भसमापन कानून 2021 पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन  

• राज्य के सभी जिलों की हुई प्रगति समीक्षा 
• एचएमआईएस पोर्टल पर ससमय आंकड़ों को डालने का दिया गया निर्देश 

पटना/ 4 मार्च-

डॉ. सरिता, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, मातृ स्वास्थ्य की अध्यक्षता में राज्य के सभी 38 जिलों के सदर अस्पताल के जिला उपाधीक्षक एवं चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षित गर्भसमापन कानून 2021 में हुए संशोधन के बारे में शामिल चिकित्साकर्मियों को जागरूक करना था. दो दिवसीय बैठक में प्रत्येक दिन 19 जिलों की समीक्षा की गयी. बैठक का आयोजन राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया. 
अस्पताल एवं कर्मियों के काम की हुई समीक्षा:
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मातृ स्वास्थ्य डॉ. सरिता ने सभी जिलों में सुरक्षित गर्भसमापन के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की. जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 के बीच किये गए सुरक्षित गर्भसमापन की समीक्षा की गयी. डॉ. सरिता ने क्रमवार सभी जिलों के अस्पताल एवं कर्मियों द्वारा सुरक्षित गर्भसमापन सेवा कितनी और कैसे प्रदान की जा रही है उसकी समीक्षा की. सुरक्षित गर्भसमापन सेवा प्रदान करने में अस्पताल एवं कर्मियों द्वारा सामने आ रही दिक्कतों पर भी उन्होंने चर्चा की.
संशोधित सुरक्षित गर्भसमापन कानून 2021की दी गयी जानकारी:
आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन की डॉ. छाया तिवारी ने स्वास्थ्यकर्मियों को 2021में गर्भसमापन कानून में हुए संशोधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं गर्भपात एक्ट के अधीन दस्तावेजीकरण पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि राज्य की मातृ मृत्यु दर 149 है जो की राष्ट्रीय औसत 113 से कही ज्यादा है और इसे समुदाय को सुरक्षित गर्भसमापन की सुविधा उपलब्ध करा कर काफी हद तक कम किया जा सकता है. डॉ. सुमिता घोष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने बैठक में ऑनलाइन जुड़कर सभी को बैठक के उद्देश्य से अवगत कराया.
एचएमआईएस पोर्टल पर ससमय आंकड़ों को डालने का दिया गया निर्देश:
आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के शंकर दयाल सिंह ने एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज सुरक्षित गर्भपात के आंकड़ों की महत्ता पर चर्चा की. उन्होंने बाते कि किन किन अस्पतालों के रजिस्टर एवं एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में अंतर है. उन्होंने सभी को निर्देश दिया की एचएमआईएस पोर्टल पर वास्तविक आंकड़े ससमय डाले जाएँ और रजिस्टर एवं एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में समानता सुनिश्चित की जाये.
आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के वरीय राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी निलेश कुमार ने एक सदर अस्पताल में सुरक्षित गर्भसमापन सेवा उपलब्ध कराने संबंधित केंद्र सरकार की अपेक्षा और इसकी उपलब्धि पर चर्चा की और सभी चिकित्साकर्मियों को सुरक्षित गर्भसमापन सेवा उपलब्ध कराने की महत्ता से अवगत कराया.
मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सुरक्षित गर्भसमापन सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य:
राज्य स्वास्थ्य समिति से डॉ. जयति श्रीवास्तव ने राज्य में चिकित्सा पदाधिकारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में अवगत कराया एवं बताया कि प्रशिक्षण के बाद कितने स्वास्थ्यकर्मी कितने महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात की सेवा प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए महिलाओं को सुचारू रूप से सुरक्षित गर्भसमापन सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य है

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