कोरोना काल में टीबी के प्रति रहें सावधान

कोरोना होने पर टीबी मरीज को ज्यादा खतरा

टीबी के मरीज से बात करते वक्त मास्क लगाएं

भागलपुर-

कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक जिले में 3200 से भी ज्यादा मरीज मिले हैं। लगभग 1900 मरीज ठीक भी हो चुके हैं और लगभग 1300 इलाजरत हैं। वहीं 45 कोरोना मरीजों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि मौत उन्हीं मरीजों की हो रही है, जो पहले से ही किसी बीमारी से पीड़ित रहे हैं। हाईपरटेंशन, शुगर और टीबी के मरीजों को कोरोना होने पर ज्यादा परेशानी हो रही है। खासकर टीबी के मरीजों को तो विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत है। 

टीबी मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की है जरूरत: निजी चिकित्सक डॉ. विनय कुमार झा कहते हैं कि कोरोना महामारी के दौर में वैसे तो सभी को सतर्कता बरतनी है, लेकिन टीबी (क्षय रोग) के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर उन मरीजों को जो पहले से ही फेफड़े की समस्या से जूझ रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।  डॉ. झा कहते हैं कि टीबी भी कोरोना की ही तरह संक्रमण से फैलता है। इसलिए इसके बचाव के लिए भी लोगों को अधिकतर वही तरीका अपनाना चाहिए, जो कोरोना से बचाव के लिए अपना रहे हैं। अभी बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे मौसम में सर्दी, खांसी और जुकाम होना आम बात है। अगर टीबी मरीजों में ये सब लक्षण दिखे और वह कोरोना की चपेट में आ जाए तो भारी पड़ सकती है। ऐसे में टीबी के मरीज तो सतर्क रहें ही। साथ ही आमलोग भी टीबी के प्रति सतर्क रहें।

टीबी के लक्षण: 

खांसी के साथ बलगम में खून आना

बुखार

पसीना आना

सांस फूलना

भूख ना लगना

वजन कम होना 

मांसपेशियों में क्षति

शारीरिक दूरी का रखें ख्याल: जिस तरह कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए शारीरिक दूरी जरूरी है, उसी तरह से टीबी की रोकथाम के लिए सामाजिक दूरी अपनाना चाहिए। दोनों ही बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए कोरोना और टीबी के मरीजों से सतर्क रहने की जरूरत है। 

जागरूकता है जरूरी: टीबी और कोरोना, दोनों ही बीमारी संक्रमण से फैलती है। दोनों के वायरस हवा के जरिये तेजी से फैलते हैं। टीबी या कोरोना के मरीज के छींकने, खांसने या फिर बात करने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को जागरूक किया जाए। लोगों को समझाया जाए कि टीबी और कोरोना के संक्रमित व्यक्ति से सतर्क रहें। नहीं तो आप भी चपेट में आ सकते हैं।

बीसीजी का टीका लगवाएं: भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जरूरी है कि टीबी के मरीज बीसीजी का टीका लगवाएं। टीबी की रोकथाम में इस टीके को कारगर माना गया है। साथ ही टीबी के मरीज मास्क पहनकर रहें। इससे यह बीमारी दूसरों में नहीं फैलेगी। साथ ही डॉक्टर जो दवा खाने का परामर्श देते हैं। उसका सेवन करें। बीच में न छोड़ें। ऐसा करने से आप तो सुरक्षित रहेंगे ही, दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे।

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