Sukanya Samriddhi Yojana में करने जा रहे हैं निवेश तो जान लें जरूरी बातें, आपके लिए फायदा या नुकसान होंगे

Sukanya Samriddhi Yojana सुकन्या समृद्धि योजना में आप अपनी बेटी के लिए निवेश कर सकते हैं। बेटी के 10 साल का होने से पहले आप कभी भी सुकन्या समृद्धि अकाउंट को खुलवा सकते हैं लेकिन इस स्कीम में निवेश करने से पहले इसके नुकसान के बारे में जरूर जानें।

। Sukanya Samriddhi Account: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की शुरूआत केंद्र सरकार ने की थी। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत इस स्कीम की शुरूआत की गई थी। सुकन्या समृद्धि अकाउंट भारत में बेटियों के माता-पिता के लिए है। इसमें टैक्स-फ्री रिटर्न भी दिया जाता है। हालांकि, सुकन्या समृद्धि योजना कई कारणों से आपकी बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं है। जानिए किन वजहों से आपको इस स्कीम में निवेश नहीं करना चाहिए?

सुकन्या समृद्धि योजना का में कितना मिलता है ब्याज?

सुकन्या समृद्धि योजना में फिलहाल 8 फीसदी की ब्याज दर मिलती है। हालांकि, हर तीन महीने के बाद इन ब्याज दरों में बदलाव कर दिया जाता है। पढ़ाई और शादी के खर्च जैसे लक्ष्यों की वजह से अगर आप यह योजना लेते हैं तो ये बढ़ती महंगाई का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। इस योजना के रिटर्न महंगाई को मात नहीं दे पाते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना की क्या है अवधि?

इस योजना का टैन्योर 21 साल है। लंबे टैन्योर में महंगाई को मात देने का सबसे अच्छा तरीका इक्विटी इवेस्टमेंट होता है। यानी कि अगर आपको निवेश करना है तो आप सुकन्या समृद्धि योजना के साथ इक्विटी में भी इंवेस्ट करें। शुरुआत में आपको सुकन्या समृद्धि योजना में कम और इक्विटी में ज्यादा इंवेस्ट करना है। जिस लक्ष्य की वजह से आपने ये योजना ली है, उसके पूरे होने का बाद ये फिर कुछ समय पहले आपको सुकन्या समृद्धि योजना के इन्वेस्टमेंट को बढ़ा देना चाहिए और इक्विटी के इन्वेस्टमेंट को कम कर देना चाहिए।

सुकन्या समृद्धि योजना की सीमाएं

सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। ये प्रतिबंध निवेशक के अनुकूल नहीं होते हैं। अकाउंट में जमा राशि का इस्तेमाल केवल शिक्षा और शादी के खर्च के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पूरी राशि वैसे ही बनी रहती है।

सुकन्या समृद्धि अकाउंट में लंबे समय तक ब्लॉक रहता है पैसा

इस योजना में निवेश करने पर लंबे समय तक पैसा ब्लॉक रहता है। जब बेटी 21 साल की हो जाती है, तब अकाउंट मैच्योर होता है। बेटी जब 18 साल की होती है, तब केवल 50 फीसदी राशि ही निकाली जा सकती है। ये राशि बेटी की पढ़ाई के लिए ही निकाल सकते हैं। यानी कि पैसा काफी समय के लिए ब्लॉक रहता है। इक्विटी में निवेश करने पर आप अपनी रकम कभी भी निकाल सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि अकाउंट में मैच्योरिटी के नियम

सुकन्या समृद्धि अकाउंट का टैन्योर 21 साल का होता है। इसके बावजूद केवल पहले 15 साल के लिए ही डिपॉजिट किया जाता है।

लड़की के 18 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद, अभिभावक एक कारोबारी साल में 50 फीसदी तक की राशि ही निकाल सकते हैं। डाक विभाग के नियमों के अनुसार, अकाउंट के पैसों का लेनदेन किस्तों में पूरा किया जा सकता है

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