महारष्ट्र के अमरावती हत्याकांड में गिरफ्तार दो आरोपियों को NIA) ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया

जहाँ  NIA ने कोर्ट में दोनों को हिरासत में लेने की मांग करते हुए कहा कि उमेश की हत्या का जश्न मनाने के लिए बिरयानी पार्टी रखी गई थी, जहां से बुधवार को आरोपी मौलवी मुशफीक अहमद (41) और अब्दुल अरबाज (23) को पकड़ा गया।वहीँ दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल जस्टिस एके लाहोटी ने आरोपियों को 12 अगस्त तक NIA की हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि कोल्हे की 21 जून को पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में हत्या कर दी गई थी क्यूंकि  उमेश ने नूपुर शर्मा के सपोर्ट में सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया था।NIA के मुताबिक अहमद ने आरोपियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया था। अरबाज ने उमेश और उसकी दुकान पर नजर रखी थी। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि दोनों ने उमेश की हत्या के बाद अन्य आरोपियों को फरार रहने में भी मदद की थी। इतना ही नहीं मुशफीक ने हत्या के मास्टरमाइंड शेख इरफान के साथ फोन पर बात की थी, जबकि अब्दुल, इरफान के ऑर्गनाइजेशन के लिए ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। मास्टरमाइंड इरफान एक स्वयंसेवी संगठन चलाता था, जिसका नाम रहबर हेल्पलाइन था।NIA कोर्ट में आरोपियों की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि हत्या के बाद जो जश्न मनाया गया था उसमें कौन-कौन मौजूद था, यह पता लगाना जरूरी है। हालांकि, आरोपियों की रिमांड का विरोध करते हुए वकील ने कहा कि दोनों आरोप लागू नहीं होते, क्योंकि वे आतंकवादी नहीं हैं। एजेंसी बिना किसी आतंकी संगठन का नाम लिए यह दिखाने की कोशिश कर रही थी कि यह एक आतंकी कृत्य था। बिरयानी पार्टी का जिक्र केवल अपराध को और अधिक क्रूर बनाने के लिए किया जा रहा है।

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