पोषण माह को सफल बनाएगा अभियान

  • गांव से लेकर शहर तक लोगों को सही पोषण के बारे में किया जा रहा है जागरूक
  • गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार लेने की दी जा रही है सलाह

बांका, 15 सितंबर
जिले में पोषण माह को सफल बनाने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम चल रहे हैं. इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सही पोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है. गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है. वही बच्चों को पूरक आहार खिलाने को कहा जा रहा है।

  • पोषण है बहुत जरूरी
    डीपीओ रिफत अंसारी ने बताया कि पूरे महीने पोषण को लेकर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. कुपोषण को दूर करने के लिए सेविका और सहायिका लोगों को घर-घर जाकर सही पोषण की जानकारी दे रही है. साथ ही आईसीडीएस के अन्य लोग भी इस काम में लगे हुए हैं. चौक- चौराहों और बाजारों में भी लोगों को सही पोषण लेने की जानकारी दी जा रही है.
  • ऑटो, ई- रिक्शा से फैलाई जा रही जागरूकता
    सदर से लेकर सभी प्रखंडों में जागरूकता रथ चल रहा है. कहीं ऑटो पर तो कहीं रिक्शे पर सवार होकर आईसीडीएस के कर्मी लोगों को सही पोषण की जानकारी दे रहे हैं. उन्हें इससे होने वाले फायदे के बारे में भी बताया जा रहा है. सही पोषण लेने से शरीर स्वस्थ रहता है. साथ ही निरोग जीवन जीते हैं इस बारे में लोगों को बताया जा रहा है.
  • घर घर में जा रही सेविका और सहायिका
    सेविका और सहायिका गांव के घर-घर में बच्चों की देखभाल कर रही हैं और उन्हें सही पोषण देने के लिए परिजनों को जानकारी दे रही है. परिजनों को बता रही है कि बच्चों को पूरक आहार दें. इससे उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी. साथ ही जिन बच्चे की उम्र 6 महीने से कम है उन्हें स्तनपान कराएं.
  • सफाई के प्रति भी कर रही जागरुक सेविका-सहायिका लोगों के घर-घर जाकर ना सिर्फ पोषण की जानकारी दे रही है, बल्कि उन्हें स्वच्छता के प्रति भी जागरूक कर रही है. लोगों को बता रही है कि इस कोरोना काल में स्वच्छता का कितना महत्व है. स्वच्छ रहने से लव बीमारियों की चपेट में नहीं आते हैं. इसलिए घर में हमेशा साफ सफाई का ध्यान रखें.
  • पोषण परामर्श केंद्र पर भी लोगों को मिल रही सलाह:
    जिले के सभी प्रखंडों में पोषण परामर्श केंद्र खुल चुके हैं. वहां आने वाले लोगों को पोषण के बारे में बताया जा रहा है. गर्भवती और धात्री महिलाओं को मांस- मछली और अंडे का सेवन करने को कहा जा रहा है. जो महिलाएं मांस-मछली नहीं खाती है, उन्हें अधिक से अधिक दूध और हरी सब्जियां खाने को कहा जा रहा है.

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