कोरोना मरीजों से मुक्त हुआ जेएलएनएमसीएच का मेडिसिन विभाग

  • अब यहां पर सामान्य मरीजों का भी किया जा सकेगा इलाज
  • मेडिसिन विभाग में इलाज को लेकर अस्पताल प्रशासन की तैयारी पूरी

भागलपुर, 6 अक्टूबर

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) प्रशासन ने सामान्य मरीजों के इलाज को लेकर एक और कदम बढ़ा दिया है. अस्पताल के मेडिसिन विभाग को कोरोना मरीजों से मुक्त करा दिया गया है. अब यहां पर एक-दो दिनों में सामान्य मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा.

दरअसल, कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार ने जेएलएनएमसीएच को कोरोना अस्पताल में तब्दील कर दिया था. इस वजह से यहां पर सिर्फ इमरजेंसी में ही सामान्य मरीजों का इलाज हो रहा था. इंडोर सेवा बंद थी. यहां आने वाले सामान्य मरीजों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा जाता था. इसे लेकर यहां से डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम भी भेजी गई थी. लेकिन अब जब कोरोना के मरीजों की संख्या घटने लगी है तो अस्पताल प्रशासन ने यह फैसला किया है यहां पर सामान्य मरीजों का भी इलाज होगा. अस्पताल में जितने भी कोरोना के मरीज हैं सभी को कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. अब अस्पताल आने वाले कोरोना मरीजों का इलाज कोरोना वार्ड में होगा. जबकि सामान्य मरीजों का इलाज इमरजेंसी में होगा. अस्पताल के अधीक्षक डॉ अशोक कुमार भगत ने कहा कि कोरोना मरीजों की संख्या अस्पताल में अब कम होने लगी है. अभी 40 कोरोना मरीज इलाजरत हैं. कोरोना वार्ड में 100 बेड की जगह है. अभी जितने भी मरीज हैं सभी के इलाज के लिए कोरोना वार्ड में पर्याप्त जगह है. इस वजह से मेडिसिन विभाग के ओपीडी में सामान्य मरीजों का इलाज शुरू करने का फैसला लिया गया है.

मेडिसिन विभाग को किया जा रहा है सैनीटाइज: अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार भगत ने कहा मेडिसिन विभाग में सामान्य मरीजों के इलाज से पहले उसे सैनिटाइज किया जा रहा है. यहां आने वाले मरीजों में कोरोना का संक्रमण नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है. इस वजह से मेडिसिन विभाग की सफाई की जा रही है.

इलाज कराने वाले हर व्यक्ति का होगा कोविड 19 टेस्ट: डॉ. अशोक कुमार भगत ने बताया मेडिसिन विभाग में इलाज कराने वाले सामान्य रोगी का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया जाएगा. रिपोर्ट अगर पॉजिटिव आती है तो मरीज का इलाज कोरोना वार्ड में किया जाएगा और अगर रिपोर्ट सामान्य रहती है तो ओपीडी में इलाज किया जाएगा. दूसरों में संक्रमण न फैले, इस वजह से सतर्कता बरती जा रही है.

स्वास्थ्यकर्मी मास्क और ग्लव्स पहनकर करेंगे इलाज: ओपीडी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी मास्क और ग्लव्स पहनकर इलाज करेंगे. मरीज के साथ आने वाले परिजनों को भी बिना मास्क और ग्लव्स के नहीं आने दिया जाएगा. साथी ओपीडी में आने वाले हर व्यक्ति का हाथ गेट पर सैनिटाइज कराया जायेगा. इसे लेकर ओपीडी में मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है.

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