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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 : हार कर भी जीते तेजस्वी यादव

एक और जहाँ आज बिहार में नीतीश कुमार 7 वी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं, वही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की चर्चा नीतीश से ज्यादा हो रही है, इसके पीछे की वजह, पिछले चुनाव में राजद का सबसे बड़ी बाटी बनकर उभारना तो है ही, साथ ही जब से चुनाव परिणाम आया है तब से चाहे प्रिंट मीडिया हो, या इलेक्टॉनिक मीडिया, नीतीश कुमार से ज्यादा गहमागहमी तेजस्वी के नाम की हो रही है.  जो इतने कम उम्र में बिहार की राजनीती में अपने बल-बुते न केवल राजद को सबसे बड़ी पार्टी बनाने के सफल रहे, बल्कि जनता द्वारा सभी राज्यों में नकारे गए कांग्रेस जैसी पार्टी को भी 19 सीटे  जितने में कामयाब हुए,  हालाकि कांग्रेस के इस बुरे प्रदर्शन की बजह से ही. आज वे  मुख्यमंत्री बनने से चूक गए.

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जी हाँ आज जिस प्रकार मीडिया में खबर आ रही है कि बिहार की जनता ने एक बार फिर मोदी और नीतीश पर भरोसा जताया है, जबकि अगर मात्र, 5  सीटे जो मजह 100  वोटों से भी कम  के अन्तर से, NDA जीती है , वो अगर महागठबंधन जीत जाती, तो आज मीडिया में ख़बरें ये होती की नीतीश के कुसासन से तंग होकर, बिहार की जनता ने लालू के लाल तेजस्वी यादव पर अपना भरोसा जताया. हालांकि इन सब के बावजूद, लोगो में लालू के जंगल राज का डर भी साफ दिख रहा था, जिसे मिटाने में भी, तेजस्वी कामयाब रहे, कियूं की तेजस्वी ने न तो लालू को अपने पोस्टर और प्रचार में स्थान दिया और न ही राबड़ी को.  बहरहाल बिहार चुनाव 2020 का परिणाम काफी दिलचस्प है और इस परिणाम ने ये साबित कर दिखाया है की लोकतंत्र में एक वोट की कीमत क्या है. क्योंकी बिहार में कई ऐसे उमीदवार है जो महज दहाई अंक से हर गए है   इसलिए हम सभी को वोट जरूर करना चाहिए. हालाकि जनता के इन्ही एक एक मत से नीतीश कुमार, एक बार बिहार मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हुए, अब देखना ये है की नीतीश कुमार अपने सातवे कार्यकाल में जनता के विश्वास पर कितने खड़े उतरते हैं और इन्ही सवालों के जबाब जानने के लिए अभी मोबाइल न्यूज़ 24 को सब्सक्राइब कर लें 

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