मौसमी बीमारियों से बचने को दिनचर्या में करें बदलाव

थोड़ी सावधानी बरतकर रख सकते हैं खुद को स्वस्थ
मौसम में हो रहा है बदलाव, रहें सतर्क

बांका, 28 अक्टूबर।
मौसम में बदलाव आ रहा है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है। सर्दी लगनी शुरू हो गई है। ऐसे में मौसमी बीमारियों से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है। आमतौर पर जब मौसम में बदलाव आता है तो लोग वायरल की चपेट में आ जाते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।

अभी के मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही करने से लोग सर्दी, खांसी बुखार की चपेट में आ सकते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।

पंखे की हवा से बचें:
अभी के मौसम में पंखा चलाने पर ठंड का अहसास होने लगता है, पर पंखा अगर नहीं चलाते हैं तो गर्मी का अहसास होता है। कई लोगों को देखा जाता है कि ठंड का अहसास होने के बावजूद वे पंखे चलाते हैं। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे शरीर का तापमान घटता है और मौसमी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता। रात में सोते वक्त पंखे नहीं चलाएं।

पानी को उबाल कर ही पीजिए:
डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि पानी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी के मौसम में पानी को उबालकर ही पीना चाहिए। ठंडा पानी पीने से बचें। ऐसा करने से मौसमी बीमारियों से तो आपका बचाव होगा ही, साथ में पेट से संबंधित बीमारी भी नहीं होगी।

परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से मिलें:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में सामान्य बुखार, सर्दी, खांसी होने पर लोग सबसे बड़ी लापरवाही यह करते हैं कि वे अपनी जानकारी के मुताबिक दवा का सेवन करने लगते हैं या फिर दवा दुकानदार की सलाह पर अपना इलाज कर लेते हैं। ऐसी लापरवाही भूल से भी नहीं करें। अगर आपको सर्दी, बुखार जैसा लगता है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। दवा का सेवन करें।

3 दिन बुखार हो तो कोरोना जांच कराएं:
डॉ चौधरी कहते हैं कि अगर बुखार लगातार 3 दिनों तक रहती है तो निश्चित तौर पर कोरोना जांच करा लें। साथ में घर के दूसरे सदस्यों से दो गज की शारीरिक दूरी बना कर रहें । इससे आपका भी बचाव होगा और घर के अन्य सदस्य भी संक्रमित होने से बच जाएंगे।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें .
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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