राह चलते लोगों की भी हो रही कोरोना संक्रमण  की  जांच 

जांच के जरिए तोड़ी जा रही कोरोना संक्रमण की चैनबड़ी ढाका और कोर्ट परिसर में शिविर लगाकर लोगों की हुई कोरोना जांच

बांका, 22 सितंबर

कोरोना संक्रमण  की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग रोज नए-नए कदम उठा रहा है. पहले जांच की संख्या बढ़ाई गई, अब राह चलते-फिरते लोगों की भी कोरोना संक्रमण  जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमित व्यक्ति का सही तरीके से इलाज हो और लोगों में संक्रमण नहीं फैले.इसी क्रम में मंगलवार को बड़ी ढाका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में और कोर्ट परिसर में शिविर लगाकर लोगों की कोरोना जांच की गई. बड़ी ढाका में लगभग 185 लोगों की कोरोना जांच हुई. हालांकि जांच में कोई भी संक्रमित नहीं पाए गए. वहीं कोर्ट परिसर में 112 लोगों की जांच में 5 लोग संक्रमित पाए गए. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अब तक काफी लोगों की जांच हो चुकी है. इस वजह से केंद्र पर आकर कम ही लोग जांच करा रहे हैं. इस वजह से हमलोगों ने फैसला किया है कि गांव-गांव और गली-गली में शिविर लगाकर लोगों की जांच की जाए. जितने ज्यादा लोगों की जांच होगी कोरोना की चैन टूटने में उतनी मदद मिलेगी.5000 लोगों के प्रति दिन हो रही है जांच: जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन 5000 लोगों की कोरोना जांच हो रही है. अभी तक जिले में एक लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है. लगभग हर लोगों की जांच हो जाए इसी कवायद में स्वास्थ्य विभाग लगा हुआ है. इसी का परिणाम है की जगह-जगह जगह जांच शिविर लगाए जा रहे हैं.घर पर सुविधा रहने पर ही भेजा जा रहा है होम आइसोलेशन में: जांच में संक्रमित पाए जाने पर उसी व्यक्ति को होम आइसोलेशन में भेजा जा रहा है जिनके घर में इसकी सुविधा है. उस व्यक्ति के घर में अलग से शौचालय और कमरे की व्यवस्था होने पर ही लोगों को हम आइसोलेशन में भेजा जा रहा है. साथ में मरीज को एक किट भी दिया जा रहा है जिसमें दवा के साथ मास्क और अन्य जरूरी सामान रहते हैं.अन्य मरीजों को कोविड केयर सेंटर  में किया जा रहा भर्ती: जांच में जिन मरीजों को घर पर सुविधा नहीं है उसे कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाता है. जहां पर उसका पूरा ध्यान रखा जाता है. समय पर दवा और भोजन दिया जाता है. जांच के बाद  निगेटिव पाए जाने पर उसे घर भेजा जाता है.कोरोना जांच के लिए गांवों में माइकिंग: कोरोना जांच के लिए लोगों से आगे आने की अपील की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य गांव- गांव घूमकर माइकिंग कर लोगों से जांच के लिए आने को कह रही है. टीम के सदस्य लोगों को बता रहे हैं कि जांच कराने के क्या फायदे हैं. जांच कराने से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं है.सरकार की गाइडलाइन का हो रहा पालन: स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कोरोना जांच के दौरान सरकारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कर रही है. जांच करने वाले स्वास्थ्यकर्मी कोरोना किट पहनकर जांच कर रहे हैं, साथ ही जांच के दौरान सामाजिक दूरी का भी पालन कर रहे हैं. स्वास्थ्यकर्मी के अलावा जो लोग वहां पर मौजूद रहते हैं, सभी लोग ग्लव्स और मास्क पहने रहते हैं. इससे दूसरों में कोरोना का संक्रमण नहीं होगा. इसलिए बेहिचक जांच के लिए आगे आएं वहां किसी तरह का कोई खतरा नहीं है.

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