रेलवे ने बंद की अंग्रेजो के जमाने की “डाक मैसेंजर सेवा”

कोरोना संक्रमण के कारण ट्रेने इनदिनों पहली तरह नहीं चल रही है. इससे लोगों को परेशानी का सामना तो करना पड़ ही रहा है, साथ है रेलवे को भी आर्थिक रूप से भी काफी नुकासान हो रहा है. अब ऐसे में अपने खर्चों में कटौती के मद्देनजर भारतीय रेलव कई तरीके अपना रही है. इसी बीच अब रेलवे ने अपने खर्चों में कटौती के मद्देनजर अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही डाक मैसेंजर सेवा को बंद करने का फैसला किया है.

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आपको बता दे कि इसका इस्तेमाल गोपनीय दस्तावेजों को भेजने के लिए होता था. साथ ही रेलवे ने अपने विभिन्न जोन को अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कम्युनिकेट करने को कहा है. डाक मैसेंजर सेवा अंग्रेजों ने शुरू की थी जो अब बंद होने जा रही है. इस सेवा में डाक मैलेंदप  असल में चपरासी होते हैं जिन्हें संवेदनशील दस्तावेजों को रेलवे बोर्ड से विभिन्न विभागों, जोनों और डिवीजनों को पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाती है. आपको बता दे कि अंग्रेजों के जमान में इंटरनेट की व्यवस्था ना होने के कारण अंग्रेजों द्वारा डाक मैसेंजर सेवा की शुरवात की गई थी.

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