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कोरोना काल में फरिश्ते की तरह काम कर रही हैं आशा फैसिलिटेटर पूनम देवी

  • सुल्तानगंज प्रखंड के किशनपुर गांव के लोगों को कोरोना के प्रति कर रही हैं जागरूक
  • अब तक सैकड़ों परिवारों को हाथ धोने से लेकर मास्क पहनने के बारे में दी है सलाह

भागलपुर, 2 दिसंबर।
कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्वास्थ्यकर्मियों की ही मेहनत का नतीजा है कि लोग कोरोना के प्रति जागरूक हो रहे और संक्रमित होने से बच रहे हैं। सुल्तानगंज प्रखंड के किशनपुर गांव की आशा फैसिलिटेटर पूनम देवी इस परिस्थिति में जिस तरह से काम कर रही हैं वह किसी मिसाल से कम नहीं है। घर-घर में जाकर लोगों को जागरूक कर रहीं पूनम देवी लोगों के लिए उम्मीद की तरह हैं। वह लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं, साथ ही लोगों को घर से निकलते वक्त मास्क पहनने की सलाह भी दे रही हैं।

गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने का है लक्ष्य:
पूनम देवी बताती हैं “समय के साथ लोगों ने कोरोना के साथ जीना सीख लिया है। अब गांव के अधिकतर लोग मास्क पहनकर ही बाहर निकलते और दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जो ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसलिए मेरा ध्यान उन लोगों को जागरूक करने पर है। अगर एक भी आदमी लापरवाही करेगा तो उसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ेगा। इसलिए मैं आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना चाहती हूं।”

कर्तव्य के प्रति बेहद ईमानदार हैं पूनम देवी:
केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर शंभू कुमार कहते हैं कि कोरोना काल में पूनम देवी का काम काबिलेतारीफ है। पूनम देवी जिस तरीके से काम कर रही हैं वह किसी फरिश्ते से कम नहीं है। उन्होंने जिस लगन और ईमानदारी के साथ अपने काम को किया, उसी का नतीजा है कि आज गांव के लोग भी कोरोना के प्रति जागरूक हुए और सावधानी बरत रहे हैं। अकेले पूनम देवी ने अब तक सैकड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की है और 500 से अधिक परिवारों को कोरोना के प्रति जागरूक किया है।

2006 से कर रही हैं काम:
पूनम देवी की नियुक्ति 2005 में हुई थी। 2006 से उन्होंने बतौर आशा कार्यकर्ता अपना काम शुरू किया था। उनके काम को देखकर 2011 में उन्हें आशा फैसिलिटेटर बना दिया गया। पिछले 14 सालों में उन्होंने 800 से अधिक महिलाओं का सुरक्षित प्रसव करवाया है। इसके अलावा भी कई उपलब्धियां उनके नाम दर्ज हैं।

घर के सदस्यों का मिल रहा साथ:
पूनम देवी के पति खेती करते हैं और पुत्र पढ़ाई। दो बेटी है जिसकी शादी हो गई। ऐसे में घर के काम की भी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटी। पूनम कहती हैं कि अगर घर के सदस्यों का साथ नहीं मिलता तो वह अपने काम को इतने बेहतर तरीके से नहीं कर पाती। वह बताती हैं कि उनके पति और पुत्र घर के काम में हाथ हटा देते हैं। इसलिए वह अपना काम बेफिक्र होकर कर पाती हूं।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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